चंद्रयान – 2 की तैयारी में जुटा है भारत, जाने क्या खासियत है इस मिशन की

भारी पेलोड उठाने वाला जीएसएलवी एमके द्वितीय 2390 किलोग्राम वजन वाले अंतरिक्ष यान होगा जो एक ऑर्बिटर, एक रोवर और लैंडर को चाँद तक ले जाएगा।





(एनएलएन मीडिया-न्यूज़ लाइव नाऊ) : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अपने अब तक के सबसे चुनौतीपूर्ण अंतरिक्ष मिशन चंद्रयान-2 को सफल बनाने के लिए कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता है। इसरो ने अपने पहले चंद्र मिशन में स्पेसक्राफ्ट के साथ पीएसएलवी रॉकेट को चंद्रमा की कक्षा में लैंड किया था। लेकिन इस बार भारी पेलोड उठाने वाला जीएसएलवी एमके द्वितीय 2390 किलोग्राम वजन वाले अंतरिक्ष यान का शुभारंभ करेगा क्योंकि मॉड्यूल एक ऑर्बिटर, एक रोवर और लैंडर को चाँद तक ले जाएगा।
इसरो के अध्यक्ष डॉ. सिवान ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में मिशन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चंद्रयान -2 चुनौतीपूर्ण मिशन है , क्योंकि हम पहली बार एक कक्षा, एक लैंडर और एक रोवर को चंद्रमा पर ले जाएंगे। लांच अप्रैल में होना है जिसमें कुछ ही समय बचा है। इसे श्रीहरिकोटा से इसे लॉन्च किया जाएगा और लॉन्च होने के एक से दो महीनों में यह यान चंद्रमा की कक्षा तक पहुंच जाएगा। पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी 3,82,000 किलोमीटर दूर है।


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