विदेश जाना चाहते हैं तो करें कुंडली के अनुसार ये उपाय..



(न्यूज़ लाइव नाऊ) : काफी लोग ऐसे हैं जो विदेश जाना चाहते हैं, लेकिन ये सपना बहुत ही कम लोग पूरा कर पाते हैं। ज्योतिष के अनुसार विदेश यात्रा के लिए कुंडली का बारहवां भाव और राहु की शुभ-अशुभ स्थिति देखी जाती है। जिन लोगों की कुंडली में बारहवां भाव और राहु शुभ स्थिति में होते हैं, उन्हें विदेश जाने का मौका मिल सकता है। जिन लोगों की कुंडली में ये दोनों अशुभ स्थिति में हो तो उन्हें यहां बताए जा रहे उपाय करने से सकारात्मक फल मिल सकते हैं। जानिए कुछ ऐसे उपाय, जिनसे विदेश यात्रा की बाधाएं दूर हो सकती हैं…


108 दिनों तक करें सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ

हिन्दी पंचांग के अनुसार किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के मंगलवार को सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करें। इसके बाद लगातार 108 दिनों तक रोज पाठ करना है। ध्यान रखें इस पूजा में रुकावट नहीं आनी चाहिए। हनुमानजी की भक्ति से राहु के दोष दूर होते हैं और विदेश यात्रा में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं।

राहु स्तोत्र का जाप करें

राहु के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए राहु स्तोत्र का जाप करना चाहिए। रोज सुबह घर में पूजा करने के बाद 108 बार राहु स्तोत्र का जाप करें।

ये है राहु स्तोत्र

अस्य श्रीराहुस्तोत्रस्य वामदेव ऋषिः।

गायत्री छन्दः। राहुर्देवता। राहुप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः॥

राहुर्दानव मन्त्री च सिंहिकाचित्तनन्दनः।

अर्धकायः सदाक्रोधी चन्द्रादित्यविमर्दनः॥1॥

रौद्रो रुद्रप्रियो दैत्यः स्वर्भानुर्भानुमीतिदः।

ग्रहराजः सुधापायी राकातिथ्यभिलाषुकः॥2॥

कालदृष्टिः कालरुपः श्रीकष्ठह्रदयाश्रयः।

विधुंतुदः सैंहिकेयो घोररुपो महाबलः॥3॥

ग्रहपीडाकरो द्रंष्टी रक्तनेत्रो महोदरः।




पञ्चविंशति नामानि स्मृत्वा राहुं सदा नरः॥4॥

यः पठेन्महती पीडा तस्य नश्यति केवलम्।

विरोग्यं पुत्रमतुलां श्रियं धान्यं पशूंस्तथा॥5॥

ददाति राहुस्तस्मै यः पठते स्तोत्रमुत्तमम्।

सततं पठते यस्तु जीवेद्वर्षशतं नरः॥6॥

॥इति श्रीस्कन्दपुराणे राहुस्तोत्रं संपूर्णम्॥

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