सुप्रीम कोर्ट संकट विवाद : न्यायाधीसों ने कहा -बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं

(न्यूज़ लाइव नाऊ) : सुप्रीम कोर्ट में उपजे संकट पर किसी बाहरी हस्तक्षेप की कोई जरूरत नहीं हैं. शीर्ष अदालत खुद ही इस मामले को सुलझा लेगी. यह बात भारत के प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले सुप्रीम कोर्ट के चार न्यायाधीशों में से एक न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने कही है. वहीं, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने कहा कि मामले पर पूर्ण अदालत को विचार करना चाहिए.

इन चार न्यायाधीशों में शामिल न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने संकट के हल के लिए आगे की दिशा के बारे में पूछे जाने पर कोलकाता में पीटीआई-भाषा से कहा कि सुप्रीम कोर्ट में कोई संकट ही नहीं है. न्यायमूर्ति जोसेफ ने कहा कि मामला राष्ट्रपति के संज्ञान में नहीं लाया गया है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट या उसके न्यायाधीशों को लेकर उनकी कोई संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं है.

उन्होंने कहा कि प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की ओर से कोई संवैधानिक चूक नहीं हुई है, लेकिन उनको जिम्मेदारी पूरी करते समय सहमति, चलन और प्रक्रिया का पालन करना चाहिए. न्यायमूर्ति जोसेफ ने कोच्चि के पास एक कार्यक्रम में कहा कि हम मामले को उनके संज्ञान में लेकर आए थे.

SCBA ने जताई गंभीर चिंता, दिया सुझाव

SCBA ने प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के साथ चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों के मतभेद पर गंभीर चिंता जताई. SCBA की कार्यकारिणी की आपात बैठक में सुझाव दिया गया कि लंबित जनहित याचिकाओं समेत सभी जनहित याचिकाओं पर या तो प्रधान न्यायाधीश को विचार करना चाहिए या उन वरिष्ठ न्यायाधीशों को सौंप देना चाहिए, जो सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम का हिस्सा हैं.

BCI ने न्यायाधीशों से मुलाकात के लिए गठित की टीम

वकीलों के सर्वोच्च निकाय बार काउन्सिल ऑफ इंडिया (BCI) ने शीर्ष अदालत के मौजूदा संकट पर चर्चा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों से मुलाकात करने का फैसला किया है. रविवार को सुप्रीम कोर्ट के इन न्यायाधीशों से BCI द्वारा गठित सात सदस्यीय दल मुलाकात करेगा. BCI ने एक प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों के संवाददाता सम्मेलन करने से पैदा हुई स्थिति का किसी राजनैतिक दल या नेताओं को अनुचित फायदा नहीं उठाना चाहिए.


जिस मुद्दे को उठाया गया, वो हल हो गयाः जस्टिस जोसेफ

शुक्रवार को एक अभूतपूर्व कदम के तहत न्यायमूर्ति चेलमेश्वर, न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने एक तरह से प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ बगावत कर दी थी. उन्होंने मामलों को आवंटित करने समेत कई समस्याएं गिनाईं थीं. शनिवार को न्यायमूर्ति जोसेफ ने कोच्चि के पास कक्कानाड में आयोजित एक कार्यक्रम से इतर कहा, ”एक ऐसा मुद्दा उठाया गया, जिसको लेकर हम चिंतित थे. उन्होंने उसे सुना. इसलिए मेरा मानना यह है कि मुद्दे का हल हो गया है.”



You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Facebook Auto Publish Powered By : XYZScripts.com