संसदीय समिति ने भारी उद्योग मंत्रालयसे जताई नाराजगी, कहा- आश्वासनों को पूरा करने में गंभीर नहीं

(न्यूज़ लाइव नाऊ) : संसद में दिये गये आश्वासनों पर मंत्रालयों की हीलाहवाली पर संसदीय समिति ने भारी नाराजगी जाहिर की है। संसद की आश्वासन संबंधी समिति ने भारी उद्योग व सार्वजनिक उपक्रम मंत्रालय की तरफ से लंबित आश्वासनों पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि मंत्रालय में विद्यमान संबंधित तंत्र में आमूल-चूल परिवर्तन किया जाना चाहिए। समिति ने हाल ही में अपनी एक रिपोर्ट में इस तंत्र को सुचारू बनाने की सिफारिश की है, ताकि आश्वासन को पूरा करने में होने वाले अनुचित विलंब से बचा जा सके।



सरकारी आश्वासन संबंधी संसद की समिति ने अपनी एक रिपोर्ट में भारी उद्योग व सार्वजनिक उपक्रम मंत्रालय की तरफ से संसद में दिये आश्वासनों की पड़ताल की है। समिति ने पाया है कि मंत्रालय ने संसद में लिखित व मौखिक प्रश्नों के जवाब में जो आश्वासन दिये उन्हें पूरा करने का प्रयास ही मंत्रालय की तरफ से नहीं किया। अंतत: मंत्रालय ने सात आश्वासनों को छोड़ दिया। वाहन स्वामियों के लिए स्क्रैपेज योजना पर दिया गया आश्वासन तो साढ़े सात साल से भी अधिक समय से लंबित चल रहा है। इस योजना को लेकर 26 नवंबर 2009 को एक सवाल के जवाब में संसद में आश्वासन दिया गया था।

समिति ने मंत्रालय के रवैये पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि आश्वासन को पूर्ण करने में इस प्रकार का असाधारण विलंब, मंत्री की तरफ से पटल पर दिये गये आश्वासन को पूरा करने के संबंध में मंत्रालय की गंभीरता की कमी और लापरवाही पूर्ण दृष्टिकोण को दर्शाता है। समिति का मानना है कि मंत्रालय ने इस दिशा में न तो पर्याप्त निगरानी रखी और न ही कोई फॉलोअप कार्रवाई की।




समिति ने अपनी जांच में पाया कि ऐसे आश्वासनों से संबंधित विद्यमान तंत्र प्रभावी नहीं है जिनसे अन्य मंत्रालय या विभाग जुड़े हैं। समिति का मानना है कि आश्वासन को पूरा करने में असाधारण विलंब होने से किसी आश्वासन की उपयोगिता और प्रासंगिकता ही समाप्त हो जाती है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मंत्रालय को एक सक्रिय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और लंबित तथा भविष्य के आश्वासनों के शीघ्र कार्यान्वयन के लिए अन्य मंत्रालयों के साथ समन्वय का स्तर बढ़ाना चाहिए।

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Facebook Auto Publish Powered By : XYZScripts.com