लादेन को हीरो कहने वाला मुशर्रफ बोला: मैं लश्कर-हाफिज का समर्थक

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने सोमवार को कहा कि वे लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सबसे बड़े सपोर्टर हैं। आतंकी हाफिज सईद को भी पसंद करते हैं। सईद का कश्मीर में दखल है और वे इस दखल का समर्थन करते हैं। उनका हमेशा से यही मानना रहा है कि कश्मीर में पाकिस्तान की कार्रवाई का समर्थन करना चाहिए। बता दें कि पिछले हफ्ते ही हाफिज को नजरबंदी से रिहा किया गया था।

लश्कर और जमात-उद-दावा भी मुझे पसंद करते हैं: मुशर्रफ
सूत्रों के मुताबिक मुशर्रफ ने कहा, “मैं जानता हूं कि लश्कर मुझे पसंद करता है और मैं उसे। जमात-उद-दावा (JuD) भी मुझे पसंद करता है।” “मैं हाफिज सईद को भी पसंद करता हूं। उससे मिल भी चुका हूं। मैंने हमेशा कश्मीर में पाक की कार्रवाई का समर्थन किया है। हम कश्मीर में भारतीय आर्मी को कमजोर करना चाहते हैं।”
मुशर्रफ ने कहा “लश्कर के पास बड़ी फोर्स है। अमेरिका के सपोर्ट से भारत उसे आतंकी संगठन घोषित कर चुका है।” मुशर्रफ ने कहा”ये सच है कि लश्कर कश्मीर में है और वहां उसकी बड़ी भूमिका है। यह हमारे और कश्मीर के बीच का मामला है।”

लश्कर पर पाकिस्तान ने 2002 से बैन लगा रखा है। खास बात ये है कि मुशर्रफ जब सत्ता में थे, तभी यह बैन लगाया गया था। मुशर्रफ को जब यह बात याद दिलाई गई तो उन्होंने कहा कि तब वे सईद के बारे में ज्यादा नहीं जानते थे। उन्होंने कहा, “हमने लश्कर को बैन किया, क्योंकि तब हालात अलग थे। हम अमन की ओर बढ़ रहे थे और ऐसे में हम सोचते थे कि मुजाहिदों (धर्म के लिए लड़ने वाले) को कमजोर करना चाहिए। पॉलिटिकल डायलॉग बढ़ाना चाहिए और सच कहूं तो उस वक्त मुझे उसके (सईद) बारे में बहुत कम मालूम था।”

लादेन हमारा हीरो: मुशर्रफ
मुशर्रफ ने अक्टूबर 2015 में पाकिस्तान की दुनिया टीवी को दिए इंटरव्यू में भी आतंकवाद की हिमायत की थी। उनसे सवाल किया गया था कि लखवी जेल जाने वाला है। हमारे यूथ कन्फ्यूज हैं। क्या आप उनका कन्फ्यूजन दूर कर सकते हैं? इस पर मुशर्रफ ने कहा था कि माहौल 1979 से बहुत बदल चुका है। हमने पाकिस्तान के हक में रिलिजियस मिलिटेंसी शुरू की। सोवियत लोगों को निकालने के लिए। हम पूरी दुनिया से मुजाहिदीन लाए। हमने तालिबान को ट्रेंड किया। उन्हें हथियार दिए। अंदर भेजा। वे हमारे हीरो थे। हक्कानी हमारा हीरो है। ओसामा हमारा हीरो था। जवाहिरी हमारा हीरो था। तब माहौल अलग था। अब माहौल बदल गया है। जो हीरो थे, वो विलेन बन गए।

मुशर्रफ ने 2015 के इंटरव्यू में यह भी कहा था कि 1990 के दशक की बात करें तो हमने कश्मीर में फ्रीडम स्ट्रगल शुरू किया। उनको इंडियन आर्मी ने बुरी तरह मारा। वे भागकर पाकिस्तान आ गए। हमने शरण दी। उनकी ट्रेनिंग भी होती थी। हमें लगता था कि ये मुजाहिदीन हैं जो इंडियन आर्मी से लड़ेंगे। यहां लश्कर और उस जैसी 10-12 तंजीमें बनी। वे हमारे हीरो थे। कश्मीर के लिए जान लगाकर लड़ रहे थे। आज कहते हैं कि ये विलेन हैं, इन्हें मारो। पहले जो रिलिजियस मिलिटेंसी थी, वह टेररिज्म में तब्दील हो गई। पहले उसका पॉजिटिव इम्पैक्ट था। अब वह दुनिया में भी बदल गया और हमारे यहां भी। अब ये हमारे यहां बम ब्लास्ट कर रहे हैं। इन्हीं के लोग उनमें शामिल हो गए। इसी वजह से ये नेगेटिव हो गए। इस वक्त इनको कंट्रोल करना चाहिए। हम खुद इससे अफेक्टेड हैं।

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