आर्मी की मदद से बनेगा एलफिन्स्टन स्टेशन पर नया ब्रिज, रक्षा मंत्री ने लिया जायजा

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मुंबई. परेल इलाके में एलफिन्स्टन रेलवे स्टेशन पर बने फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) पर 29 सितंबर को हुए हादसे में 23 लोगों की मौत हो गई थी। यहां एक नया फुटओवर ब्रिज बनना है। ब्रिज को अब रेलवे के साथ डिफेंस मिनिस्ट्री और आर्मी मिलकर बनाएगी। इसके लिए डेडलाइन 31 जनवरी तय की गई है। मंगलवार को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, रेल मंत्री पीयूष गोयल और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जायजा लेने के लिए एलफिन्स्टन स्टेशन पहुंचे। बहरहाल, अपोजिशन को सिविल वर्क में आर्मी के इस्तेमाल का फैसला पसंद नहीं आया। अमरिंदर सिंह, उमर अबदुल्ला और संजय निरुपम ने इस पर ट्वीट के जरिए तंज कसे।
– फड़णवीस ने कहा, “एलफिन्स्टन हादसे के बाद हमने आर्म्ड फोर्सेस और डिफेंस मिनिस्टर से मदद के लिए कहा था। वे 31 जनवरी के पहले 3 ब्रिज बनाने पर राजी हो गए हैं।”
– डिफेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा, “शायद यह पहली बार हो रहा है कि आर्मी से कोई सिविल वर्क करने को कहा गया। एलफिन्स्टन हादसा बहुत बड़ा था। आर्मी यहां आई और इस जगह का मुआयना किया। वह इस ब्रिज के बनने के हर कदम पर मौजूद रहेगी।”
– पीयूष गोयल ने कहा- “ब्रिज बनने का काम 31 जनवरी के पहले हो जाएगा। ये ब्रिज एलफिन्स्टन रोड, करी रोड और आंबिवली पर बनेंगे।”
– गोयल ने कहा कि आर्मी यहां दो फुट ओवर ब्रिज बनाने में भी मदद करेगी। सीतारमण ने कहा- हमने इमर्जेंसी को देखते हुए मदद करने का फैसला किया है। वैसे आर्मी का रोल तो बॉर्डर पर होता है। हम यहां हर मौके पर मदद देेेने को तैयार हैं। गोयल ने कुछ दिनों पहले कहा था कि देश के हर स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज होना जरूरी है।
अमरिंदर को पसंद नहीं आया फैसला
– सिविल वर्क के लिए आर्मी के इस्तेमाल का फैसला पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को पसंद नहीं आया। अमरिंदर खुद भी आर्मी अफसर रह चुके हैं। एक ट्वीट में उन्होंने इसे बहुत बुरा फैसला बताया। अमरिंदर ने अपने ट्वीट में कहा- आर्मी को जंग के लिए ट्रेनिंग दी जाती है। उसका इस्तेमाल सिविलियन वर्क्स के लिए नहीं किया जाता सीतारमण जी। डिफेंस रिर्सोसेस को सिविलियन जॉब्स की तरफ डायवर्ट ना करें।
उमर अबदुल्ला ने क्या कहा?
– आर्मी को बेहद इमर्जेंसी में ही आखिरी विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन, यहां तो लगता है कि ये स्पीड डायल का पहला नंबर ही है।
– कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने कहा- ब्रिज बनाने के लिए आर्मी को बुलाना बीएमसी में शिवसेना और बीजेपी के करप्ट शासन को दिखाता है। उम्मीद है, आर्मी से सड़कों के गड्ढे भरने को नहीं कहा जाएगा।
एलफिन्सटन हादसे की वजह भीड़-बारिश-अफवाह: रिपोर्ट
– इन्वेस्टीगेशन पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि हादसे की वजह भीड़, बारिश और अफवाह थी। जांच रिपोर्ट में रेलवे अफसरों और कर्मचारियों को क्लीनचिट दे दी गई।
– रेलवे के जांच पैनल ने हादसे में घायल हुए 30 लोगों से बात की। उनसे बातचीत के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई।
– सेंट्रल रेलवे ने कहा कि पैनल के मुताबिक, “भगदड़ मचने की अहम वजह पुल गिरने की अफवाह थी। जिसके कारण स्थिति बिगड़ती चली गई। भारी बारिश के चलते लोग अचानक सीढ़ियों पर आ गए। जिससे भीड़ हो गई। ब्रिज पर लगातार यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही थी। जिनके पास सामान था, उनका बैलेंस बिगड़ गया और वे गिर गए। इससे भगदड़ मच गई।
कब हुआ था हादसा?
– 29 सितंबर हुआ था। 23 लोग मारे गए थे। मरने वालों में 8 महिलाएं शामिल थीं। वेस्टर्न रेलवे के मुताबिक, लोग बारिश से बचने के लिए एफओबी पर जमा हो गए और अफवाह की वजह से भगदड़ मच गई।
104 साल पुराना है एलफिन्स्टन ब्रिज
– इस फुटओवर ब्रिज से हर दिन 3 लाख से ज्यादा लोग गुजरते हैं। इस इलाके में कई कॉर्पाेरेट ऑफिस हैं। सुबह 10 से 11 बजे ऑफिस आने जाने वालों की वजह से अक्सर भीड़ रहती है। त्योहारी सीजन की वजह से भीड़ और ज्यादा थी।
– रेलवे के मुताबिक, जिस ब्रिज पर हादसा हुआ वो 5 मीटर चौड़ा और 32 मीटर लंबा है। इस पर डुअल एक्जिट है।
– यह ऐसा रेलवे स्टेशन है जो एलफिन्स्टन रोड और परेल रेलवे स्टेशन को जोड़ता है। यह स्टेशन वेस्टर्न लाइन पर पड़ता है।
– एलफिन्स्टन ब्रिज 104 साल पुराना था। 1911 में लॉर्ड एलफिन्स्टन के नाम पर स्टेशन बनाया गया था। इसके दो साल बाद ब्रिज बनाया गया। लॉर्ड एलफिन्स्टन 1853 से 1860 तक बॉम्बे के गवर्नर रहे थे। इस फुटओवर ब्रिज से हर दिन 3 लाख से ज्यादा लोग गुजरते हैं।

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