भारत ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराया, सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त

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पल्लेकेल: बुमराह की तूफानी गेंदबाजी के बाद सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा के 12वें शतक की बदौलत भारत ने तीसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में आज यहां श्रीलंका को अंतिम लम्हों में दर्शकों के हुडग़ंद के बीच छह विकेट से हराकर पांच मैचों की श्रृंखला में 3-0 की विजयी बढ़त बनाई और इस टीम के खिलाफ 1993 के बाद कोई द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं गंवाने का रिकार्ड कायम रखा। भारत को पिछली बार श्रीलंका के खिलाफ 1993 में उसी की सरजमीं पर 2-1 से शिकस्त का सामना करना पड़ा था जबकि इसके बाद से भारत ने पिछले 24 साल में इस टीम के खिलाफ कोई द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं गंवाई है।
धोनी और रोहित ने की 157 रन की अटूट साझेदारी
रोहित ने 145 गेंद में 16 चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 124 रन की पारी खेलने के अलावा पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (नाबाद 67) के साथ पांचवें विकेट के लिए 157 रन की अटूट साझेदारी की भी जिससे भारत ने श्रीलंका के 218 रन के लक्ष्य को 45 .1 ओवर में चार विकेट पर 218 रन बनाकर हासिल कर लिया। धोनी ने 86 गेंद की अपनी पारी में चार चौके और एक छक्का मारा। रोहित का श्रीलंका की सरजमीं पर 24वें एकदिवसीय मैच में यह पहला शतक है। इससे पहले वह यहां सिर्फ 16 से कुछ अधिक की औसत से रन बना पाए थे।

दर्शकों ने मैदान पर बोतलें फेंकीं
भारत हालांकि जब जीत से सिर्फ आठ रन दूर था तब दर्शकों ने मैदान पर बोतलें फेंकनी शुरू की दी जिसके कारण लगभग 35 मिनट तक खेल रुका रहा। इस घटना ने 1996 विश्व कप में इन दोनों टीमों के बीच कोलकाता में हुए सेमीफाइनल की याद ताजा हो गई जब भारत के हार के करीब पहुंचने पर घरेलू दर्शकों ने ईडन गार्डन्स में स्टैंड में आग लगा दी थी और मैदान पर बोतलें फेंकनी शुरू कर दी थी जिसके बाद श्रीलंका को विजेता घोषित किया गया था। यहां हालांकि ऐसी नौबत नहीं आई और दर्शकों के एक समूह को मैदान से बाहर करके लगभग 35 मिनट के ब्रेक के बाद मैच दोबारा शुरू हुआ और भारत ने जीत की औपचारिकता पूरी की।
बुमराह बने मैन ऑफ द मैच 
इससे पहले श्रीलंका की टीम बुमराह (27 रन पर पांच विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने नौ विकेट पर 217 रन ही बना सकी। केदार जाधव (12 रन पर एक विकेट), अक्षर पटेल (35 रन पर एक विकेट) और हाॢदक पंड्या (42 रन पर एक विकेट) ने बुमराह का अच्छा साथ निभाया। श्रीलंका की तरफ से टीम में वापसी कर रहे लाहिरू थिरिमाने ने 105 गेंद में पांच चौकों और एक छक्के की मदद से सर्वाधिक 80 रन बनाए। उन्होंने सलामी बल्लेबाज दिनेश चांदीमल (36) के साथ तीसरे विकेट के लिए 72 रन की साझेदारी भी की। इन दोनों के अलावा निचले क्रम में बल्लेबाजी करने उतरे मिङ्क्षलदा श्रीवर्धने (29) ही 20 रन के आंकड़े को पार कर पाए। बुमराह बने मैन ऑफ द मैच।

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