डोकलाम से फौरन अपनी सैनिक हटाए, किसी गलतफहमी में ना रहे भारत: चीन

0 143

बीजिंग/नई दिल्ली. सिक्किम के डोकलाम में एक महीने से जारी तनाव के बीच चीन ने एक बार फिर भारत को धमकी दी है। चीन की सेना (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी या पीएलए) के अखबार ने गुरुवार को कहा- भारत फौरन डोकलाम से अपने सैनिकों को हटाए। चीन अपने इलाके को डिफेंड कैसे करता है? इसको लेकर भारत को किसी गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए। बता दें कि सिक्किम के ट्राइजंक्शन में चीन एक सड़क बनाना चाहता है और भारत इसका विरोध कर रहा है।

– दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच गुरुवार को पीएलए के अखबार ने एक आर्टिकल पब्लिश किया। पीएलए डेली के इस आर्टिकल को चीन की न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने जारी किया।
– आर्टिकल में कहा गया- चीन सरकार अपने संप्रभुता (सोवरिनिटी) को लेकर किसी तरह की छूट नहीं दे सकती। किसी भी देश को इस गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए कि हम अपनी संप्रभुता से किसी तरह का कोई समझौता कर लेंगे।
– आर्टिकल में आगे कहा गया है कि 18 जून को भारत के 270 सैनिक घुसपैठ करके डोकलाम एरिया में पहुंचे थे। जुलाई के आखिर में 40 सैनिक और एक बुल्डोजर वहां मौजूद था। आर्टिकल में इसे चीन का इलाका बताया गया है।
किसी की जमीन पर कब्जा नहीं करते
– चीनी सेना के इस आर्टिकल में आगे कहा गया है- हम किसी की एक इंच जमीन पर ना तो कब्जा करते हैं और ना हक जताते हैं। लेकिन, अपनी भी एक इंच जमीन किसी को नहीं दे सकते। एग्रेशन के जरिए विस्तार की हमारी पॉलिसी नहीं है। लेकिन, इस बात का यकीन भी है कि अगर कोई एग्रेशन हमारे खिलाफ होता है तो हम उसे हरा सकते हैं।
– आर्टिकल में भारत को सलाह दी गई है कि वो रीजनल और ग्लोबल तौर पर अमन को बढ़ावा देने में मदद करे।
भारत ने कहा- हमने कम नहीं किए सैनिक
– भारत ने इस बात से साफ इनकार कर दिया है कि चीन से जिस डोकलाम इलाके में तनाव चल रहा है वहां सेना की तैनाती कम की गई है। न्यूज एजेंसी ने बुधवार को ऑफिशियल सोर्सेस के हवाले से कहा था कि सिक्किम के ट्राइजंक्शन में अब भी दोनों देशों के 400-400 सैनिक तैनात हैं।
– इसके पहले बुधवार सुबह ही, चीन ने डोकलाम विवाद पर 15 पेज और 2500 शब्दों का बयान जारी किया। आरोप लगाया है कि जून में भारत के 400 जवान उसके इलाके में रोड कंस्ट्रक्शन रोकने के लिए घुस आए थे। भारतीय जवानों ने वहां तंबू गाड़ दिए थे। चीन का दावा है कि अभी भारत के 40 सैनिक और एक बुलडोजर उसके इलाके में मौजूद है। चीन ने भारत से कहा है कि भूटान तो बहाना है। उसके बहाने भारत दखल दे रहा है। उसे तुरंत और बिना शर्त वहां से अपने सैनिक हटा लेने चाहिए।
भारत ने कहा- पीछे हटने का सवाल ही नहीं
– चीन सरकार ने मीडिया को जारी किए गए एक स्टेटमेंट में दावा किया था कि 400 भारतीय सैनिकों ने 16 जून को घुसपैठ की थी। उनके पास दो बुल्डोजर भी थे। लेकिन अब वहां एक बुल्डोजर और 40 सैनिक ही मौजूद हैं।
– चीन के इस दावे को भारतीय अफसरों ने फौरन नकार दिया। न्यूज एजेंसी के मुताबिक- पहले दिन से जितने भारतीय सैनिक वहां हैं, अब भी उतनी है तैनाती है। किसी सैनिक को हटाया नहीं गया है। पिछले महीने भी फॉरेन मिनिस्ट्री ने कहा था कि डोकलाम में चीन की सेना को भी पीछे हटना होगा। तभी भारतीय फौज हटेगी।
चीन ने जारी किया था बयान
– इस बयान में चीन ने कहा है कि 16 जून 2017 को चीन ने डोंगलांग इलाके में सड़क बनाना शुरू की। 18 जून को 270 से ज्यादा भारतीय सैनिक हथियार और दो बुलडोजर लेकर वहां आ गए। उन्होंने सिक्किम सेक्टर में डोका ला दर्रा पार कर बॉर्डर क्रॉस की।
– ”भारतीय सैनिक चीन के बॉर्डर में 100 मीटर अंदर तक घुस आए और रोड कंस्ट्रक्शन में खलल पैदा किया। इसी से इलाके में तनाव बढ़ा। भारतीय जवानों ने बुलडोजर्स के साथ घुसपैठ की। एक बार भारतीय जवानों की संख्या 400 तक हो गई। वे 180 मीटर अंदर तक आ गए और तीन टेंट लगा दिए। जुलाई के आखिर तक हमारे इलाके में 40 से ज्यादा भारतीय सैनिक और एक बुलडोजर गैरकानूनी तरीके से मौजूद था।”

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Facebook Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
Bitnami