भारत-पाक रिश्तों की तल्खी के बीच भारत करेगा 11 पाक कैदियों को रिहा

भारत-पाक रिश्तों की तल्खी के बीच भारत करेगा 11 पाक कैदियों को रिहा

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नई दिल्ली: भारत पाकिस्तान के बीच के रिश्तों की तल्खी किसी से छिपी नहीं है इसके बीच भारत ने एक सकारात्मक कदम उठाया है. मीडिया सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच अस्ताना में अनौपचारिक मुलाकात के बाद ने 11 पाकिस्तानी कैदियों को रिहा करने का फैसला लिया है.

ये कैदी सोमवार को रिहा कर दिए जाएंगे.अधिकारियों ने इस कदम को गुडविल जेस्चर करार दिया, वहीं पाकिस्तान का कहना है कि इन सभी कैदियों ने अपनी सजा पूरी कर ली है इसीलिए भारत उन्हें रिहा कर रहा है.

इससे पहले भारत दो पाकिस्तानी बच्चों को रिहा कर चुका है. ये दोनों बच्चे 2016 में गलती से भारत की सीमा में घुस आए थे. जिसके बाद उन्हें पंजाब पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया था. ये बच्चे अपने अंकल शहजाद के साथ सीमा पार कर भारत में घुस आए थे. शहजाद अभी भी हिरासत में है.

इस साल अप्रैल में पाकिस्तान की मिलिटरी कोर्ट द्वारा भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद इस तरह का भारत सरकार का यह पहला फैसला है. कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में हुए शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) शिखर सम्मेलन में दोनों देशों के पीएम के बीच हुई मुलाकात के बाद कैदियों की रिहाई का फैसला अहम माना जा रहा है.

भारत ने बीते सप्ताह ही गलती से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पंजाब में घुस आए दो बच्चों को वापस पाकिस्तान को सौंप दिया था. यह दोनों बच्चे अली रेजा (11) और बाबर (10) अपने चाचा मोहम्मद शहजाद के साथ सीमा पार कर भारत में घुस आए थे. भारत ने हालांकि शहजाद को अभी अपनी हिरासत में ही रखा हुआ है. इन दोनों बच्चों को अप्रैल में ही रिहा किया जाना था लेकिन पाकिस्तान द्वारा जाधव को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद भारतीय अधिकारियों ने उनकी वापसी रोक दी थी. पाकिस्तान की जेलों में 132 भारतीय कैदी बंद हैं. इनमें से 57 कैदी अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, बावजूद इसके उन्हें रिहा नहीं किया गया है. पाकिस्तानी कैदियों की रिहाई का भारत का फैसला ऐसे समय में आया है जब दोनों देश कुलभूषण जाधव मामले पर इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में आमने-सामने हैं.

 

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