बैंकिंग सेक्टर पर हो सकता है अगला साइबर अटैक, जानें ATM पर क्या हुआ है असर

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रैंजमवेयर वानाक्राई के खतरे के मद्देनजर बैंकों पुराने साफ्टवेयर पर चलने वाले कुछ को रविवार को एटीएम को बंद रखा. रिजर्व बैंक बैंकों को निर्देश दिया है कि वे रैनजमवेयर पर सरकारी संगठन सीईआरटी-इन के निर्देशों का पालन करें.

इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम सीईआरटी-इन ने इस स्थिति में क्या करें और क्या न करें की सूची जारी की है. साथ ही यह भी सलाह दी है कि वैश्विक रैंजमवेयर हमले से नेटवर्क को किस तरीके से संरक्षित किया जाए.

बैंकिंग सेक्टर में हो सकता है अगला साइबर अटैक: एक्सपर्ट
रैंजमवेयर अटैक का खतरा नहीं टला है. खास कर भारत के लिए तो बिल्कुल भी नहीं . आईटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत में इसका प्रभाव बढ़ सकता है. साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट शुभमंगला ने एएनआई से कहा है, ‘भारत के कई राज्य इससे प्रभावित हैं. पहली चीज यह है कि वो यह नहीं चेक कर रहे हैं कि कैसे सिस्टम इससे प्रभावित हुए हैं’

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगला साइबर अटैक बैंकिंग सेक्टर में हो सकता है जिसका बड़ा नुकसान भी देखने को मिल सकता है. उन्होंने कहा है कि हमारे बैंक शायद कुछ घंटों के लिए प्रभावित रहे हों. हमें उम्मीद है और हमने बैंकों को अगाह किया है कि ज्यादातर एटीएम ऐसे ओएस पर काम कर रहे हैं जो शायद WannaCry मैलवेयर से प्रभावित हो.

रैंजमवेयर अटैक के बाद ऐसा माना जा रहा है कि भारत में 2-3 दिनों के लिए एटीएम बंद रहेंगे. ऐसे मैसेज व्हाट्सऐप पर शेयर किए जा रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी ऐसी खबरे हैं. हालांकि इस रैंजमवेयर अटैक से सबसे ज्यादा प्रभावित Windows XP है इसलिए ऐसा कहा जा सकता है कि Windows XP पर चलने वाले एटीएम को अपग्रेड किया जाएगा ऐसे में वो बंद रहेंगे.

सूत्रों ने कहा कि ज्यादातर एटीएम बढि़या तरीके से काम कर रहे हैं. कुछ में अपडेट माइक्रोसाफ्ट विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम संभवत: नहीं है. सूत्रों ने कहा कि इस तरह के एटीएम पर हमले की संभावना बन सकती है. इसलिए एहतियाती उपाय के तौर पर उन एटीएम को बंद रखा गया है. हालांकि इस बारे में रिजर्व बैंक ने आज शाम तक आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा था. गौरतलब है कि देश में कुल 2.2 लाख एटीएम हैं, जिनमें से कुछ पुराने विंडोज एक्सपी ऑपरेटिंग सिस्टम XP पर चल रहे हैं.

क्या है WannaCry रैंजमवेयर और कैसे काम करता है ये
ब्रिटिश सिक्योरिटी रिसर्चर का कहना है कि कुछ समय के लिए यह रूका है लेकिन आने वाले समय में यह और भी बढ़ेगा. इसे Wnaa Decrypt, WannaCryptro या WCRY के भी नाम से जाना जाता है. यह दूसरे रैंजवेयर की ही तरह किसी कंप्यूटर को पैसे न मिलने तक ब्लॉक कर सकता है.

कहां से आया है रैंजवेयर
Windows की खामियों से निकला है यह रैंजवेयर. रिपोर्ट्स के मुताबिक एनएसए ने एक हैकिंग टूल बनाया था जिसे कुछ हैकर्स ने लीक कर दिया जिसे शैडो हैकर्स के नाम से जाना जाता है.

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