योगीराज में गैंगस्टरों के बुरे दिन शुरू, दूसरी जेलों में शिफ्ट किए गए दर्जनों माफिया

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नई दिल्ली (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश में सत्ता बदलते ही कई चीजों में बदलाव हुआ है। कानून व्यवस्था को लेकर सरकार काफी सक्रियता दिखाई है। पिछले कई दिनों में यूपी की जेलों में बंद करीब चार दर्जन माफियाओं, खूंखार अपराधियों और सजायाफ्ता का ट्रांसफर राज्य की दूसरी जेलों में किया गया है।

बसपा विधायक और माफिया मुख्तार अंसारी के बाद अब माफिया मुन्ना बजरंगी और अतीक अहमद की जेल भी बदल दी गयी है। गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी को झांसी से लगभग 500 किमी दूर पीलीभीत जेल में ट्रांसफर कर दिया गया। अतीक अहमद को इलाहाबाद से सैकड़ों किलोमीटर दूर  देवरिया जेल भेज दिया गया है। जबकि मुख्तार अंसारी को पहले ही लखनऊ जेल  से भेज बांदा जेल दिया गया है।

अपराधी कर रहे हैं शिकायत

उत्तर प्रदेश के इन खतरनाक अपराधियों के ‘बुरे दिन’ शुरू हो गए हैं और वे इसकी शिकायत भी कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, यूपी विधानसभा में विधायक बनने के बाद शपथ लेने पहुंचे मुख्तार ने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री उनकी हत्या करा सकते हैं। इसी साजिश के मद्देनजर उनको लखनऊ से दूसरी जेल भेजा जा रहा है।

अपनी जेल बदले जाने को लेकर अतीक अहमद ने इलाहाबाद हाइकोर्ट में यह कहते हुए याचिका दायर की। अतीक ने इस मामले में कोर्ट से मंजूरी लिए बिना खुद को देवरिया जेल शिफ्ट किए जाने को अदालत की अवमानना भी करार दिया था और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। अतीक की अर्जी पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने मामले में दखल देने से इंकार कर दिया।

इसी क्रम में माफिया सरगना मुन्ना बजरंगी को जौनपुर जेल से पीलीभीत जेल ट्रांसफर किया गया। अधिकारियों का कहना है कि तीनों अपराधी अपनी जेल बदलने से गुस्से में हैं, क्योंकि नई जेल उनके गृहनगर से कोसों दूर हैं और यहां उन्हें बिस्तर तथा घर के खाने जैसी सुविधा नहीं मिल सकेगी।

माफियाओं पर कड़ी नजर रखेगी यूपी एसटीएफ और यूपी एटीएस

जेल ट्रांसफर के साथ ही यूपी सरकार ने इन माफियाओं पर नकेल कसने के लिए नया तरीका ईजाद किया है। अब इन माफियाओं और सं​बंधित जेल पर कड़ी नजर रखने के लिए यूपी एसटीएफ और यूपी एटीएस को भी लगाया गया है। देश की ज्यादातर जिला जेलों जैमर की सुविधा नहीं है। तीन महीने पहले तक 70 जिलों में से केवल 12 में ही जैमर की सुविधा थी। अगले दो महीने में 12 अन्य जेलों में भी जैमर लग जाएंगे। शासन की तरफ से प्रदेश की इन 12 संवेदनशील जेलों में जैमर लगाने के लिए धनराशि जारी की गई।

अपराधियों और जेल प्रशासन के गठजोड़ की जानकारी शासन के आला अफसरों को भी है, इसी को ध्यान में रखते हुए यूपी सरकार ने यूपी एसटीएफ और यूपी एटीएस को भी इन पर कड़ी नजर रखने की हिदायत दी है। प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पण्डा द्वारा इस संबंध में 18 जिलों के डीएम को निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि प्रशासनिक आधार पर बंदियों का स्थानांतरण किया गया है. इनकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उनके द्वारा जेल के अंदर किसी प्रकार की अनाधिकृत सामग्री और मोबाइल का उपयोग न किया जाए।

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