पीएम ने विपक्षी कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा : लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर दिया जवाब

modi-mपीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब दिया। इस दौरान पीएम ने विपक्षी कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। विरोधियों पर निशाना साधने के लिए पीएम ने कविता से लेकर शास्त्रों की पंक्तियों का सहारा लिया। मोदी अपनी स्पीच के दौरान कभी गंभीर तो कभी मजाकिया मूड में दिखे।

‘भूकंप’ के जरिए राहुल गांधी पर चुटकी
मोदी ने भाषण की शुरुआत में राष्ट्रपति के अलावा सदन के सदस्यों को बजट पर चर्चा के लिए धन्यवाद दिया। इसके तुरंत बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर चुटकी ली। राहुल गांधी ने कुछ दिनों पहले कहा था कि अगर उन्होंने बोला तो भूकंप आ जाएगा। मोदी ने इस बयान का अप्रत्यक्ष रूप से जिक्र करते हुए कहा, ‘आखिर भूकंप आ ही गया। मैं सोच रहा था कि भूकंप आया कैसे? क्योंकि धमकी तो बहुत पहले सुनी थी। कोई तो कारण होगा कि धरती मां इतनी रूठ गई? जब कोई स्कैम में भी सेवा का भाव देखता है, विनम्रता का भाव देखता है तो सिर्फ मां नहीं, धरती मां भी दुखी हो जाती है और तब जाकर भूकंप आता है।’

भगवंत मान पर भी निशाना
बता दें कि मोदी ने यूपी चुनाव में प्रचार के दौरान SCAM का मतलब एसपी, कांग्रेस, अखिलेश और मायावती बताया था। इसके जवाब में राहुल ने कहा था कि स्कैम में एस का Service, सी का मतलब Courage, ए का मतलब Ability, एम का मतलब Modesty बताया था। मोदी ने आप सांसद भगवंत मान पर भी निशाना साधा। मान पर नशे में संसद आने का आरोप लग चुका है। कर्ज लेकर घी पीने की कहावत का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि पुराना जमाना कुछ और था, साधुओं ने घी पीने की बाद कही। आज के जमाने में कुछ और पीने के लिए कहा जाता। पीएम ने कहा कि मान तो कुछ और ही पीने में यकीन करते हैं।

इमर्जेंसी को लेकर कांग्रेस पर वार
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर चुटकी लेते हुए मोदी ने कहा, ‘मल्लिकार्जुन कह रहे थे कि कांग्रेस की कृपा है कि अब भी लोकतंत्र बचा है कि आप पीएम बन पाए। वाह क्या शेर सुनाया है। बहुत बड़ी कृपा की इस देश पर कि लोकतंत्र बचाया। कितने महान लोग हैं ये। मोदी ने इमर्जेंसी का जिक्र करते हुए कहा, ‘ उस पार्टी के लोकतंत्र को देश अच्छी से जानता है। पूरा लोकतंत्र एक परिवार को आहुत कर दिया गया। 75 का कालखंड, जब देश पर आपातकाल थोप दिया गया, हिंदुस्तान को जेलखाना बना दिया गया। जयप्रकाश बाबू समेत लाखों लोगों को जेल में बंद कर दिया गया। अखबारों पर ताले लगा दिए।…जनशक्ति की ताकत थी कि लोकतंत्र फिर स्थापित हुआ। यह लोकतंत्र की ताकत है कि गरीब मां का बेटा भी पीएम बन सकता है।’

‘कुत्ते वाली परंपरा’ से पलटवार
मल्लिकार्जुन खड़गे ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा था कि महात्मा गांधी ने जब देश के लिए बलिदान दिया, लेकिन आपके घर से कोई नहीं गया। एक कुत्ता भी नहीं गया। इस बयान पर मोदी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, ‘ इतिहास सिर्फ किताबों की अटारी में पड़ा रहे तो समाज को प्रेरणा नहीं देता है। हर युग में इतिहास को जीने का प्रयास आवश्यक होता है। उस समय हम थे कि नहीं थे, हमारे कुत्ते थे कि नहीं थे, यह जरूरी नहीं है। हम कुत्ते वाली परंपरा से पले-बढ़े नहीं हैं।’ आगे मोदी ने कहा, ‘यहां बहुत ऐसे लोग हैं, जो मेरी तरह आजादी के बाद पैदा हुए। हममें से बहुत थे जिन्हें आजादी की लड़ाई में सौभाग्य नहीं मिला। हमें देश के लिए जीने का सौभाग्य मिला है। हम जीने का प्रयास कर रहे हैं।’

सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र
मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘सर्जिकल स्ट्राइक से पहले राजनेताओं ने जाने कैसे-कैसे बयान दिए। जब देखा कि देश का मिजाज अलग है तो उनकी भाषा बदल गई। यह बहुत बड़ा निर्णय था। नोटबंदी में पूछते हैं कि सीक्रेट क्यों रखा, कैबिनेट को क्यों नहीं बताया? लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में नहीं पूछते।’ मोदी ने आगे कहा, ‘सर्जिकल स्ट्राइक आपको परेशान कर रही है। इसलिए आपकी मुसीबत यह है कि पब्लिक में जाकर बोल नहीं पा रहे। आपको पीड़ा हो रही है। यह आपकी मुसीबत है।’

जनशक्ति की ताकत पर बोले
मोदी ने राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा देश की जनशक्ति पर बल दिए जाने का जिक्र किया। मोदी ने कहा कि कोई भी व्यवस्था हो, लोकतांत्रिक या अलोकतांत्रिक, जनशक्ति का मिजाज समझना पड़ता है। मोदी के मुताबिक, अधिकतर पार्टियों ने करीब-करीब जनसामर्थ्य को पहचानना छोड़ दिया है, जो लोकतंत्र के लिए चिंता की बात है। जनसामर्थ्य का जिक्र करते हुए मोदी ने गैस सब्सिडी छोड़ने की अपनी अपील का जिक्र किया। मोदी ने कहा कि चुनाव में एक पार्टी जहां 9 सिलिंडर या 12 सिलिंडर के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही थी, वहीं उनके कहने पर देश के एक करोड़ 20 लाख लोग गैस सब्सिडी छोड़ने के लिए सामने आए, जो देश की इच्छाशक्ति बताती है।

‘आजादी एक परिवार ने नहीं दिलाई’
मोदी ने कहा कि उन्होंने लालकिले से दिए संबोधन में भी कहा था कि देश को यहां तक पहुंचाने में सभी प्रधानमंत्रियों का हाथ है। मोदी ने आरोप लगाया कि विपक्ष को लगता है कि आजादी सिर्फ एक परिवार ने दिलाई है। मोदी ने कहा कि विपक्ष को आजादी की लड़ाई में वीर सावरकर, भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद को भी क्रेडिट देना चाहिए। स्वच्छ भारत अभियान का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि इस विषय पर राजनीति नहीं किया जाना चाहिए और सभी को मिलकर इसे आगे बढ़ाना चाहिए।

बजट और रेल बजट पर दी सफाई
पीएम ने अपने संबोधन में बजट को एक महीने पहले लाने की वजह बताई। पीएम ने कहा कि अंग्रेजों की चली आ रही परंपरा को फॉलो करने में विपक्ष कई बार यह भूल गया कि ऐसा करने की वजह क्या है? मोदी ने अपनी बात समझाने के लिए अपनी घड़ी उतारी। इस पर खड़गे ने पूछा कि आपने घड़ी क्यों उतारी? मोदी ने जवाब दिया, ‘कई लोगों को चीजें समझ नहीं आतीं, इसलिए समझानी पड़ती है।’ मोदी ने रेल बजट को आम बजट में मिलाने पर भी प्रतिक्रिया दी। मोदी ने कहा कि पहले बजट में 1500 ऐसी घोषणाएं हुईं, जिन्हें ‘कागज पर ही मोक्ष’ मिल गया। मोदी ने कहा कि बजट को लेकर किए गए फैसले देशहित में लिए गए।

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