सरकार से पढ़ाई को मदद न मिलने पर युवति ने लगाया मौत को गले

करंट से नहीं फंदा लगाने से हुई थी युवति की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर सवालिया निशान

सरकार से पढ़ाई को मदद न मिलने पर युवति ने लगाया मौत को गले
– करंट से नहीं फंदा लगाने से हुई थी युवति की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर सवालिया निशान
– नही था परिवार नर्सिग कोर्स करवाने में सक्ष्म, +2 में मेडिकल में आए थे 80 प्रतिशत अंक
न्यूज लाईव नाऊ: पांवटा साहिब (ओम शर्मा): बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा बस विज्ञापनों और सरकारी होर्डिंग तक ही सीमिति होकर रह गया है। असल में न तो बेटियों की पढ़ाई के लिए सरकार कोई जमीनी स्तर पर कदम उठा रही है और न ही बेटियों को बचाने के लिए। पांवटा साहिब में पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद की दरकार में एक होनहार और पढऩे की चाह रखने वाली बेटी ने अपनी जान देकर सरकार के मुंह पर तमाचा मारा है। बीते रविवार मिश्रवाला में 18 वर्षीय युवति की मौत करंट से नहीं बल्कि फंदा लगाने से हुई, जिसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। मौत का कारण पढ़ाई का सपना पूरा न होना बताया जा रहा है। वो पढऩा चाहती थी और परिवार के पास पैसे नहीं थे, सरकार से भी मदद नहीं मिली।


रविवार को सिरमौर पुलिस अधीक्षक रोहित, डीएसपी हेडक्वार्टर बबीता राणा ने घटना स्थल पर जाकर मामले की जांच की और सोमवार को फोरेंसिक निदेशक अरूण शर्मा ने घटनास्थल का जायजा भी किया। जिसके बाद युवती की मृत्यु के असली कारणों की वजह सामने आई है। मामले की छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि मृतक युवती मोनिका मेडिकल की छात्रा थी ओर पढ़ाई लिखाई में बेहद होशियार थी। मोनिका ने +2 में 80 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे, और वह नर्सिग कॉलेज में दाखिला लेना चाहती थी। लेकिन पिता की आर्थिक हालात ठीक न होने के कारण उसका दाखिला नही हो पा रहा था। मोनिका ने नर्सिंग के कोर्स के लिए सरकार से भी मदद की मांग की थी, लेकिन उसके कोई मदद नहीं मिली। जिसके चलते एक होनहार छात्रा डिप्रेशन में आ गई और उसने घर के बाथरूम में पानी के नल से फांसी लगा ली। फोरेंसिक एक्सपर्ट की जांच के बाद यह बात साफ हो गई की मृतक युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। वही पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि युवती ने सरकार को आर्थिक मदद के लिए गुहार भी लगाई थी तथा उसके घर से नर्सिंग स्कूलों की एक लिस्ट भी बरामद हुई है। युवति का सपना था कि सरकारी मदद मिलने पर वो नर्सिंग में दाखिला ले सकेगी, लेकिन जब कोई मदद नहीं मिली तो होनहार बेटी ने मौत को गले लगा लिया। एसपी रोहित मालपानी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि युवति ने पढ़ाई का सपना न पूरा होने पर डिप्रेशन में मौत को गले लगाया। बहरहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच में जुटी है।

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