पारम्परिक चिकित्सा से इलाज खोजने को 50 लाख लोगों पर परीक्षण करेगा आयुष मंत्रालय।

आयुष मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव पीके पाठक की निगरानी में समिति भी गठित की गई है। परीक्षण तीन चरणों में होगा।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : ओम तिवारी : आयुष मंत्रालय की ओर से पारम्परिक विधियों द्वारा इलाज की विधि खोजने पर रिसर्च होने आ रहा है जिसमे करीब 50 लाख लोग शामिल होंगे। करीब 1.80 लाख लोग इसके लिए पंजीकृत भी हो चुके हैं। इसके लिए जल्द ही डब्ल्यूएचओ की तरफ से शोधार्थियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
अलग-अलग समूह में परीक्षण करने की योजना बनाई गई है। आयुष मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव पीके पाठक की निगरानी में समिति भी गठित की गई है। परीक्षण तीन चरणों में होगा। जिसमें सामान्य लोग, सुरक्षा जवान, एनजीओ, स्वास्थ्य कर्मचारियों का समूह और पॉजिटिव मरीज शामिल होंगे।
आईसीएमआर, भारतीय जनस्वास्थ्य फाउंडेशन और राष्ट्रीय महामारी रोग नियंत्रण संस्थान के विशेषज्ञों की सलाह के मुताबिक परीक्षण प्रक्रिया चलेगी।
आयुर्वेद के परीक्षण की योजना भी है। दिल्ली के तिब्बिया कॉलेज और चौधरी ब्रह्मप्रकाश आयुर्वेद अस्पताल में भी परीक्षण जारी है। बीएचयू ने भी फीफाट्रोल पर परीक्षण की मंजूरी मांगी है।
मंत्रालय संजीवनी मोबाइल एप के जरिए भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में पारंपरिक दवाओं इस्तेमाल व असर का पता लगाएंगे। दिल्ली पुलिस के 80 हजार जवान भी पंजीकृत हुए हैं, जिनके जरिए आयुष इम्युनिटी बूस्टिंग उत्पादों का अध्ययन किया जाएगा।

 

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